डिजिटल न्यूनतमवादी हमारे चारों ओर मौजूद हैं। वे शांत और खुश रहनेवाले ऐसे लोग हैं, जो बार-बार अपने फोन पर नज़र डाले बिना लंबी बातचीत करने में सक्षम हैं। जब वे कहीं घूमने-फिरने जाते हैं, तो हर चीज़ को रिकॉर्ड करने की सनक के बिना, अपने परिवार और दोस्तों के साथ मजे़दार ढंग से समय बिताना जानते हैं। उन्हें कोई ''फियर ऑफ मिसिंग आउट'' (जिसे संक्षिप्त में FOMO भी कहते हैं) महसूस नहीं होता क्योंकि उन्हें पहले से पता होता है कि उन्हें किन गतिविधियों का हिस्सा बनकर संतुष्टि और सार्थकता महसूस होती है।
अब बेस्टसेलिंग लेखक कैल न्यूपोर्ट ने इस शांतिपूर्ण आंदोलन को एक नाम दे दिया है - डिजिटल न्यूनतमवाद। टेक्नोलॉजी के नशे में डूबी इस दुनिया को वे बड़े ही विश्वसनीय ढंग से बताते हैं कि ये आंदोलन कितना महत्वपूर्ण है।
अपने तकनीकी जीवन का नियंत्रण वापस अपने हाथों में लेने के मामले में, नोटिफिकेशंस ऑफ करने और कभी-कभी कुछ समय के लिए डिजिटल उपकरणों से दूर रहने जैसे सामान्य नुस्खे ज़्यादा काम नहीं आते। ऊपर से हमारे परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के चलते टेक्नोलॉजी से पूरी तरह दूरी बनाना भी काफी जटिल होता है। इसके बजाय हमें एक ऐसी प्रभावी पद्धति की जरूरत है, जिसकी मदद से यह तय किया जा सके कि हमें कौन से डिजिटल उपकरणों का उपयोग करना चाहिए, किन उद्देश्यों के लिए करना चाहिए और किन परिस्थितियों में करना चाहिए।
असल जिंदगी के ढेरों उदाहरण पेश करते हुए, कैल न्यूपोर्ट डिजिटल न्यूनतमवादियों के आम व्यवहारों और उनके पीछे के मूल विचारों की पहचान करते हैं...