Книга Jungle Ka Dard Dr. Ved Prakash Dubey

Jungle Ka Dard

Автор: Dr. Ved Prakash Dubey
Език: Хинди
Корици: С меки корици
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समाज के प्रति बहुत ही संवेदनशील और समर्पित व्यक्तित्व रखने वाले डॉ. वेद प्रकाश दुबे की प्रारम्भिक श...

Информация за книгата

Език
Хинди
Корици
Книга - С меки корици
Издадена
2023
страници
106
EAN
9789358053463
ISBN
9358053461
Enbook ID
43799843
Теглоt
145
Размери
140 x 216 x 6

Пълно описание

समाज के प्रति बहुत ही संवेदनशील और समर्पित व्यक्तित्व रखने वाले डॉ. वेद प्रकाश दुबे की प्रारम्भिक शिक्षा दिल्ली में हुई। आपने डॉ. राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय, अयोध्या से पीएचडी की डिग्री हासिल की। सर्वप्रथम आपकी नियुक्ति केनरा बैंक में राजभाषा अधिकारी के पद पर वर्ष 1984 में हुई। 1995 में 'संघ लोक सेवा आयोग' द्वारा आपको सहायक निदेशक के पद हेतु चुना गया। देश के महत्त्वपूर्ण मंत्रालयों गृह मंत्रालय नार्थ ब्लाक, राज भाषा विभाग गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, वित्तीय सेवाएं विभाग वित्त मंत्रालय, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, शहरी संपदा विकास एवं गरीबी उपशमन मंत्रालय, मुख्य श्रम आयुक्त कार्यालय श्रम मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक निदेशक, उप-निदेशक, संयुक्त निदेशक और निदेशक के रूप सेवाएं प्रदान की।

डॉ. वेद प्रकाश दुबे ने हिंदी एवं भारतीय भाषाओं और संस्कृति के लिए देश भर में सरकार की नीतियों के बारे में मार्गदर्शन दिया। तथा संसदीय राज भाषा समितियों के आदेशों एवं दिशा निर्देशों के सम्बन्ध में समुचित मार्ग दर्शन दिया। भारतीय भाषाओं व संस्कृति तथा उनके मूल्यों के लिए आप आज भी सक्रिय हैं। आपका मानना है कि भारत की भाषाओं और संस्कृति को हमें वैश्विक पटल पर आगे लाना है जिससे अंग्रेजी भाषी लोगों को भारतीय संस्कृति की महानता के बारे में पता चल सके।

पुस्तक के बारे में

पर्यावरण के बिना मनुष्य का जीवन अकल्पनीय है। यह संसार पंचतत्वों से मिलकर बना है: पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश। पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी तत्व, जीव-जन्तु, पेड़-पौधे आदि मनुष्य के जीवन के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण हैं।

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